Daily abhi tak samachar

Hind Today24,Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, Daily abhi tak

एम्स अस्पताल प्रशासन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान पैरामेडिकल स्टाफ आदि की उपलब्धता और क्षमताओं को परखा

1 min read

ऋषिकेश।कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर एम्स ऋषिकेश ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस कड़ी में केन्द्र सरकार के निर्देश पर मंगलवार को एम्स के अस्पताल परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

एम्स अस्पताल प्रशासन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, डॉक्टर्स, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ आदि की उपलब्धता और क्षमताओं को परखा गया। मॉक ड्रिल के तहत डमी मरीजों के माध्यम से कोविड संबन्धी तैयारियों को दो अलग-अलग विषयों पर फोकस किया गया था। मॉक ड्रिल के माध्यम से सामान्य लक्षण वाले कोविड मरीज की जांच के बाद उसकी काउन्सिलिंग की गई। सैम्पलिंग के बाद उसे 7 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई। बताया गया कि होम आइसोलेशन में रहने के दौरान मरीज को कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करना है।

दूसरे मामले में बताया गया कि गंभीर लक्षण वाले मरीज के इलाज के दौरान क्या-क्या आवश्यकताएं पड़ सकती हैं और अस्पताल को किस प्रकार तैयार रहना है। मॉक ड्रिल के दौरान खांसी, बुखार और डायरिया से ग्रसित गंभीर लक्षण वाले एक कोविड मरीज को चिकित्सकों की टीम ने परीक्षण के उपरांत ऑक्सीजन सपोर्ट द्वारा इमरजेंसी विभाग भेजा। वहां से मरीज को उचित इलाज हेतु कोविड आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया।

इस अवसर पर एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर( डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि इस तरह की कवायद से अस्पताल में कोविड इलाज से संबन्धित हमारी परिचालन तत्परता में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि नोरसेट द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से हाल ही में चयनित होकर आए 400 से अधिक नर्सिंग स्टाफ के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मरीजों का इलाज करना उनका पहला अनुभव होगा। कोविड मरीजों का इलाज किस प्रकार किया जाता है, इस मॉक ड्रिल से ऐसे सभी नर्सिंग स्टाफ को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से हमारी स्वास्थ्य देखभाल संबन्धी प्रक्रिया मजबूत होगी।

प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अमित त्यागी ने बताया कि चीन और अन्य देशों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच एहतियाती उपायों के तहत यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि एम्स में पूर्व से ही कोविड गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई, दवाओं, बेड तथा वेन्टिलेटर की सभी व्यवस्थाओं को परख लिया गया है। यदि मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई तो एम्स अस्पताल कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। आवश्यकता पड़ने पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। मॉक ड्रिल में एम्स के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अमित त्यागी, मुख्य नर्सिंग अधिकारी रीटा शर्मा, डीएनएस वन्दना, कमलेश चन्द, जीनू जैकब, पुष्पा रानी सहित सीएफएम, नर्सिंग और सिक्योरिटी विभाग का स्टाफ के सदस्य शामिल हुए ।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright ©2022 All rights reserved | For Website Designing and Development call Us:+91 8920664806